देहरादून / नैनीताल (विशेष रिपोर्ट):
उत्तराखंड में मानसून के उग्र तेवरों ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग (IMD) द्वारा राज्य के 8 प्रमुख जिलों—देहरादून, नैनीताल, पौड़ी गढ़वाल, चंपावत, हरिद्वार, बागेश्वर, उत्तरकाशी और उधम सिंह नगर में अति भारी बारिश, गर्जन और भूस्खलन की गंभीर चेतावनी (रेड व ऑरेंज अलर्ट) जारी की गई है।
- प्रशासन सख्त, सुरक्षा सर्वोपरि: आपदा की आशंका को देखते हुए नैनीताल, पौड़ी गढ़वाल और चंपावत के जिलाधिकारियों ने कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी व गैर-सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में एहतियातन अवकाश घोषित कर दिया है।
- यातायात और मार्ग अवरुद्ध: पर्वतीय क्षेत्रों में जगह-जगह पहाड़ियों से मलबा और विशालकाय बोल्डर गिरने के कारण कई मुख्य मार्ग बाधित हैं। बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग नंदप्रयाग और छिनका के समीप भारी मलबे के कारण पूरी तरह बंद हो गया है, जिससे सैकड़ों यात्री व श्रद्धालु जगह-जगह फंस गए हैं।
- सड़कों का नेटवर्क प्रभावित: पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में लगभग 40 से अधिक ग्रामीण सड़कें मुख्य मार्गों से कट चुकी हैं। लोक निर्माण विभाग (PWD) की जेसीबी मशीनें मलबे को हटाने के काम में जुटी हुई हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश राहत व बचाव कार्य में बड़ा रोड़ा बन रही है।
