नई दिल्ली (विशेष संवाददाता): दक्षिणी दिल्ली में नगर निगम (MCD) और पुलिस की लापरवाही से एक बड़ा हादसा सामने आया है। दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के दक्षिणी परिसर (South Campus) के पास स्थित सत्य निकेतन क्षेत्र में रविवार दोपहर 100 गज में बनी एक चार दशक पुरानी 5 मंजिला अवैध इमारत ताश के पत्तों की तरह भरभराकर गिर गई। इस हादसे में दो छात्रों समेत कुल पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि मलबे में अभी भी कई अन्य छात्रों व श्रमिकों के दबे होने की आशंका है।
हादसे से जुड़े प्रमुख तथ्य:
- बेसमेंट में मरम्मत कार्य के दौरान हादसा: 100 गज के भूखंड पर बनी लगभग चार दशक पुरानी इस इमारत के बेसमेंट में मरम्मत/निर्माण का काम चल रहा था, जिस दौरान यह दर्दनाक हादसा हुआ।
- अवैध रूप से चल रहा था PG: इस इमारत में ‘हास्टल डेज’ नाम से अवैध रूप से पेइंग गेस्ट (PG) का संचालन किया जा रहा था, जिसमें दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र रह रहे थे।
- राहत व बचाव कार्य जारी: मलबे से निकाले गए 5 घायलों को एम्स ट्रामा सेंटर, सफदरजंग अस्पताल और आरआर (R&R) अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एनडीआरएफ (NDRF), दिल्ली फायर सर्विस और स्थानीय पुलिस की टीमें राहत व बचाव कार्य में जुटी हैं।
शीर्ष नेतृत्व का रुख और प्रतिक्रियाएं:
- गृह मंत्री और प्रधानमंत्री ने लिया जायजा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की और प्रभावितों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली पुलिस आयुक्त और एनडीआरएफ के महानिदेशक से बात कर जमीनी हालात का जायजा लिया।
- मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया और मामले की उच्चस्तरीय मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।
- विपक्ष का हमला: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में हास्टल की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण छात्र अमानवीय परिस्थितियों में PGs में रहने को मजबूर हैं। उन्होंने हर छात्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
