देहरादून। राजधानी देहरादून में एक सार्वजनिक मंच से पंजाबी समाज पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला अब बड़े राजनीतिक विवाद में बदल गया है। कांग्रेस के एक कार्यक्रम के दौरान हुई इस टिप्पणी के बाद पंजाबी समाज आक्रोशित है और अब इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) तथा कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।
48 घंटे का अल्टीमेटम खत्म, आंदोलन की चेतावनी
विवाद की शुरुआत कांग्रेस के एक कार्यक्रम से हुई, जहां कथित तौर पर पंजाबी समाज और कांग्रेस नेता की पुत्री को लेकर अभद्र बयानबाजी की गई। आरोप है कि जब यह टिप्पणी की गई, उस समय मंच पर पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत भी मौजूद थे। घटना के बाद आक्रोशित पंजाबी समाज ने संबंधित पक्ष से 48 घंटे के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की थी।
निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी माफी न आने पर समाज के प्रतिनिधियों और विपक्षी दलों ने तीखा रुख अपना लिया है।
बीजेपी का हमला: “माफी नहीं तो गिरफ्तारी के लिए आंदोलन”
समय सीमा समाप्त होने पर बीजेपी प्रवक्ता कुंवर जयेंद्र सिंह ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि समाज का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि दोषियों ने जल्द सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी, तो बीजेपी और समाज के लोग सड़कों पर उतरकर गिरफ्तारी की मांग को लेकर बड़ा आंदोलन करेंगे।
कांग्रेस का पलटवार
दूसरी तरफ, कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सुजाता पॉल ने बीजेपी के आरोपों पर कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने बीजेपी पर मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाते हुए पूरे मामले में पार्टी का रुख स्पष्ट किया। दोनों राजनीतिक दलों की बयानबाजी से राज्य की सियासत में गर्माहट आ गई है।
प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है, जबकि पंजाबी समाज की अगली रणनीति को लेकर क्षेत्र में हलचल तेज है।
