देहरादून (Weekly Eye News):
उत्तराखंड में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने राज्य की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार के पास आगामी चुनाव में जाने के लिए न तो कोई ठोस एजेंडा है और न ही विकास का कोई ठोस आधार बचा है।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान प्रीतम सिंह ने राज्य की कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी और ज्वलंत सामाजिक मुद्दों को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा किया।
मुख्य आरोप और राजनीतिक हमले के प्रमुख बिंदु:
- विकास के नाम पर चुनाव लड़ने से भाग रही भाजपा: प्रीतम सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में जनहित के काम ठप पड़े हैं, जिससे उनके पास विकास के मुद्दे पर जनता के बीच जाने का नैतिक अधिकार नहीं बचा है।
- गंभीर मुद्दों की अनदेखी: उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में बेरोजगारी, लगातार बढ़ती महंगाई, प्रशासनिक भ्रष्टाचार और भर्ती परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक जैसे मुद्दों से युवा और आम जनता परेशान है।
- अंकिता भंडारी हत्याकांड में देरी पर सवाल: पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई (CBI) जांच की मांग में हुई कथित देरी को लेकर भी सरकार की मंशा पर सवाल उठाए।
- आपसी सौहार्द बिगाड़ने का आरोप: कांग्रेस नेता ने कहा कि अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए प्रदेश में सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने और वैमनस्यता फैलाने की राजनीति की जा रही है।
प्रीतम सिंह ने दावा किया कि उत्तराखंड की जनता इन सभी विफलताओं को भली-भांति देख रही है और आने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा सरकार को इसका करारा जवाब देगी।
