नई दिल्ली: भारत में लॉजिस्टिक्स और परिवहन क्षेत्र को पूरी तरह से कार्बन-मुक्त करने और हरित ऊर्जा अपनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने 8 सितंबर 2026 को एक बड़ा मील का पत्थर हासिल किया है। देश के प्रमुख फ्रेट कॉरिडोर्स (Freight Corridors) को विद्युतीकृत करने और इलेक्ट्रिक ट्रकों के बेड़े को बढ़ावा देने के लिए ‘PACT’ और ‘ZET (Zero Emission Truck) Marketplace’ को आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया गया।
इस पहल का उद्देश्य और दूरगामी प्रभाव
भारत का कुल माल ढुलाई नेटवर्क वर्तमान में मुख्य रूप से डीजल चालित ट्रकों पर निर्भर है, जो देश के कुल परिवहन उत्सर्जन का एक बड़ा हिस्सा है। इस नई नीति के तहत:
- इलेक्ट्रिक फ्रेट गलियारा: दिल्ली-मुंबई और चेन्नई-बेंगलुरु जैसे व्यस्त व्यापारिक मार्गों पर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का एक व्यापक नेटवर्क विकसित किया जाएगा।
- ZET मार्केटप्लेस: यह एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है जहाँ लॉजिस्टिक्स कंपनियां, इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता (OEMs) और वित्तीय संस्थान एक साथ आकर जीरो-एमिशन ट्रकों के बेड़े की खरीद व लीजिंग में सहयोग कर सकेंगे।
- उत्सर्जन में कमी: इस योजना से 2030 तक माल ढुलाई से होने वाले CO2 उत्सर्जन में लाखों टन की कमी आने का अनुमान है।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह कदम भारत के ‘नेट-ज़ीरो 2070’ के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने में गेम-चेंजर साबित होगा।
