नई दिल्ली: भारत की रक्षा तैयारियों और सीमाओं की सुरक्षा की समीक्षा करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा बलों के नेतृत्व को संबोधित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय सशस्त्र बलों (सेना, नौसेना, वायु सेना) को देश की सीमाओं पर उत्पन्न होने वाले किसी भी बाहरी खतरे या दुस्साहस का माकूल और निर्णायक जवाब देने के लिए पूर्ण परिचालन स्वतंत्रता (Operational Freedom) और संसाधन दिए गए हैं।
रक्षा मंत्रालय का नया ढांचा और रणनीतिक निर्णय
- निर्णायक जवाब की छूट: रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत अपनी संप्रभुता के साथ कोई समझौता नहीं करेगा। जमीनी स्तर पर तैनात कमांडरों को स्थिति के अनुसार तत्काल निर्णय लेने का अधिकार प्राप्त है।
- घरेलू रक्षा उत्पादन को गति: रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने भारतीय रक्षा उद्योगों और स्टार्टअप्स से उन्नत ड्रोन, मिसाइल रक्षा प्रणालियों और AI-आधारित निगरानी उपकरणों की खरीद प्रक्रिया को और तेज कर दिया है।
- सामरिक स्थिति: वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) और हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में जारी चुनौतियों के बीच भारत अपनी तीनों सेनाओं के बीच थिएटर कमांड (Integrated Theatre Commands) के गठन को तेजी से अंतिम रूप दे रहा है।
