देहरादून (उत्तराखंड)। देवभूमि उत्तराखंड में मानसून ने एक बार फिर विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के असर से अगले कुछ दिनों तक बारिश से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग ने 2 सितंबर तक प्रदेश भर में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
आज 8 जिलों में येलो अलर्ट, सोमवार को 4 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार:
- रविवार के लिए येलो अलर्ट: देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, चमोली, नैनीताल और बागेश्वर सहित 8 जिलों में गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
- सोमवार के लिए ऑरेंज अलर्ट: सोमवार को मौसम और अधिक तल्ख रुख अपना सकता है। मौसम विभाग ने देहरादून, बागेश्वर, चमोली और नैनीताल में अत्यधिक तीव्र बारिश को लेकर ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।
दो घंटे की मूसलाधार बारिश से पानी-पानी हुआ देहरादून
राजधानी देहरादून में बारिश का कहर जारी है। शुक्रवार रात हुई झमाझम बारिश के बाद शनिवार शाम करीब दो घंटे तक हुई तेज बारिश ने शहर की रफ्तार थाम दी। कई प्रमुख सड़कों और रिहायशी कॉलोनियों में जलभराव होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बारिश के चलते स्थानीय नदी-नाले उफान पर आ गए हैं, जिससे प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
पहाड़ों में भूस्खलन और बोल्डर गिरने का खतरा
लगातार हो रही बारिश के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) का खतरा काफी बढ़ गया है। कई संवेदनशील मार्गों पर पहाड़ी से मलबा और बोल्डर गिरने की आशंका बनी हुई है। बारिश की वजह से ग्रामीण और संपर्क मार्गों के बाधित होने का जोखिम भी लगातार बना हुआ है।
सितंबर के मध्य से होगी मानसून की विदाई
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, मौजूदा सिस्टम के असर से सितंबर के पहले सप्ताह में बारिश की गतिविधियां तेजी से जारी रहेंगी। हालांकि, राहत की बात यह है कि सितंबर के मध्य से प्रदेश से मानसून की विदाई की प्रक्रिया धीरे-धीरे शुरू होने के आसार बन रहे हैं।
वीकली आई न्यूज़ की अपील: मौसम विभाग की गंभीर चेतावनी और पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बढ़ रहे भूस्खलन के खतरे को देखते हुए वीकली आई न्यूज़ अपने सभी पाठकों और यात्रियों से अपील करता है कि अनावश्यक यात्रा से बचें। यदि पहाड़ों की ओर यात्रा करना बेहद जरूरी हो, तो मौसम और सड़क की स्थिति की पूरी जानकारी लेकर ही घर से निकलें तथा नदी-नालों के करीब जाने से बचें।
