जापान के आइची-नागोया में खेले जा रहे 20वें एशियाई खेलों में भारत के युवा खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। भारत की 18 वर्षीय उदीयमान स्क्वैश स्टार अनाहत सिंह ने महिलाओं के व्यक्तिगत स्क्वैश स्पर्धा में देश के लिए एक ऐतिहासिक रजत पदक अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में अनाहत का सामना मलेशिया की शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ी शिवसंगारी सुब्रमण्यम से हुआ, जहां कड़े मुकाबले के बावजूद अनाहत को 4-11, 4-11, 7-11 से हार का सामना करना पड़ा और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
अनाहत सिंह एशियाई खेलों के इतिहास में महिला व्यक्तिगत स्क्वैश में रजत पदक जीतने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। इससे पूर्व उन्होंने सेमीफाइनल मुकाबले में विश्व स्तरीय खिलाड़ियों को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और खेल मंत्री ने अनाहत सिंह को उनकी इस असाधारण उपलब्धि पर बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी कम उम्र में एशियाई खेलों जैसे बड़े मंच पर पदक हासिल करना भारतीय स्क्वैश के स्वर्णिम भविष्य का संकेत है।
इसके अलावा, एशियाई खेलों के कबड्डी स्पर्धा में भारत ने अपना दबदबा पूरी तरह कायम रखा है। भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने बेहद रोमांचक और संघर्षपूर्ण फाइनल मुकाबले में अपने चिरप्रतिद्वंद्वी ईरान को 40-34 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। यह एशियाई खेलों के इतिहास में पुरुष कबड्डी में भारत का 9वां स्वर्ण पदक है। वहीं, महिला कबड्डी टीम ने भी शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए देश की झोली में एक और स्वर्ण पदक डाला।
इन सफलताओं के साथ ही भारत ने एथलेटिक्स, निशानेबाजी और शतरंज स्पर्धाओं में भी कई महत्वपूर्ण पदक हासिल किए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से पदक विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि भारतीय एथलीटों का समर्पण और निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन देश के करोड़ों युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित कर रहा है। एशियाई खेलों की अंक तालिका में भारत शीर्ष पांच देशों में अपनी स्थिति मजबूती से बनाए हुए है।
