प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 27 सितंबर 2026 को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 126वें संस्करण के माध्यम से देशवासियों को संबोधित किया। अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने वर्ष 2016 में भारतीय थल सेना द्वारा आतंकवाद के खिलाफ की गई ऐतिहासिक ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की 10वीं वर्षगांठ का विशेष रूप से उल्लेख किया। इसके साथ ही उन्होंने देश में चल रही राष्ट्रीय जनगणना प्रक्रिया (National Census Exercise), नशामुक्त भारत अभियान और सांस्कृतिक पुनरुत्थान जैसे विभिन्न राष्ट्रीय विषयों पर विचार साझा किए।
'मन की बात' संबोधन के मुख्य बिंदु
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│ • 2016 सर्जिकल स्ट्राइक: आतंकवाद पर भारत की 'ज़ीरो टॉलरेंस' नीति का प्रतीक│
│ • राष्ट्रीय डिजिटल जनगणना: 32 करोड़ से अधिक परिवारों का डेटा दर्ज │
│ • नशा मुक्त भारत अभियान: युवाओं की राष्ट्रव्यापी संकल्प मुहिम │
│ • राम मंदिर पुनरुत्थान: अशोक सिंघल जी की जयंती पर श्रद्धांजलि │
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सर्जिकल स्ट्राइक: आतंकवाद के विरुद्ध भारत का साहसिक संदेश
28-29 सितंबर 2016 की मध्यरात्रि को भारतीय सेना द्वारा नियंत्रण रेखा (LoC) के पार जाकर आतंकी लॉन्च पैडों को नष्ट करने की घटना को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक ने भारत की आतंकवाद-विरोधी नीति को एक नया और साहसिक आयाम दिया। उरी आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों के बलिदान का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा:
“भारत ने दुनिया के सामने यह पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद को किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा और भारत की संप्रभुता को चुनौती देने वालों को निर्णायक और मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।”
प्रधानमंत्री ने भारतीय सेना के अदम्य साहस, शौर्य और कूटनीतिक रणनीति की सराहना करते हुए कहा कि इस कार्रवाई ने देशवासियों के भीतर एक नए आत्मविश्वास का संचार किया था।
जनगणना 2027 और डिजिटल भागीदारी की प्रगति
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने देश में चल रहे जनगणना अभियान (Census Exercise) की प्रगति की समीक्षा भी साझा की। उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए शुरू की गई इस जनगणना में अब तक 32 करोड़ से अधिक परिवारों का डेटा सफलतापूर्वक दर्ज किया जा चुका है। प्रधानमंत्री ने देश के प्रत्येक नागरिक से अपील की कि वे इस राष्ट्रीय दायित्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और उपलब्ध कराए गए ऑनलाइन एन्युमरेशन (Self-Enumeration) पोर्टल का अधिक से अधिक उपयोग करें ताकि आंकड़े सटीक और पारदर्शी रहें।
नशा मुक्त भारत और सामाजिक चेतना
युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने ‘नशा मुक्त युवा अभियान’ के तहत चलाए जा रहे अभियानों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि देश के लाखों युवाओं ने स्वयं नशे से दूर रहने और समाज को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अध्यक्ष दिवंगत अशोक सिंघल की जयंती पर उन्हें याद करते हुए राम जन्मभूमि आंदोलन में उनके अतुलनीय योगदान को नमन किया।
