उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र उत्तरकाशी जिले में स्थित कालिंदी पास (Kalindi Pass) ट्रैकिंग रूट पर मूसलाधार बारिश और अचानक खराब हुए मौसम के कारण फंसे 48 ट्रैकर्स को राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और स्थानीय प्रशासन के संयुक्त दल द्वारा एक कठिन अभियान चलाकर सुरक्षित निकाल लिया गया है।
समुद्र तल से लगभग 5,950 मीटर की ऊंचाई पर स्थित कालिंदी पास भारत के सबसे चुनौतीपूर्ण ट्रैकिंग मार्गों में से एक माना जाता है, जो गंगोत्री को बद्रीनाथ से जोड़ता है। सितंबर के अंतिम सप्ताह में अचानक बदले मौसम के कारण मार्ग पर भारी बर्फबारी और निचले इलाकों में अत्यधिक बारिश दर्ज की गई, जिसके चलते दल का संपर्क मार्ग कट गया था।
उत्तरकाशी जिला प्रशासन को ट्रैकर्स के फंसे होने की सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई की गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना का संज्ञान लेते हुए आपदा प्रबंधन विभाग को हाई अलर्ट पर रखा और तुरंत रेस्क्यू हेलीकॉप्टर तथा ग्राउंड टीमों को रवाना किया। हवाई सर्वेक्षण के साथ-साथ पैदल रेस्क्यू टीमों ने अत्यधिक विपरीत परिस्थितियों में काम करते हुए सभी 48 सदस्यों का पता लगाया और उन्हें निचले सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, सुरक्षित निकाले गए लोगों में कई विदेशी पर्यटक और भारत के विभिन्न राज्यों के पर्वतारोही शामिल हैं। सभी को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया है तथा उनमें से किसी के भी गंभीर रूप से घायल होने की खबर नहीं है। इस घटना के बाद प्रशासन ने उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ट्रैकिंग पर गए अन्य दलों की स्थिति की समीक्षा शुरू कर दी है और ट्रैकिंग एजेंसियों को मौसम चेतावनी का सख्ती से पालन करने के निर्देश जारी किए हैं।
सुरक्षा निर्देश एवं प्रशासनिक सतर्कता
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) ने चेतावनी जारी की है कि मानसून की विदाई से ठीक पहले पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम में तीव्र बदलाव देखा जा रहा है। चारधाम यात्रा मार्ग पर भी एहतियाती कदम उठाए गए हैं। यद्यपि सोमवार को चारधाम यात्रा पुनः सामान्य रूप से बहाल कर दी गई थी, फिर भी उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों के जिलाधिकारियों को संवेदनशील भूस्खलन वाले क्षेत्रों पर निरंतर नजर बनाए रखने के आदेश दिए गए हैं।
